नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को बड़ा खुलासा करते हुए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट को बताया कि अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के बिचौलिए क्रिस्चन मिशेल ने पूछताछ में सोनिया गांधी का नाम लिया है। कोर्ट में ईडी ने यह बताया कि वे अभी यह नहीं बताएंगे कि मिशेल ने गांधी का नाम किस संदर्भ में लिया है। इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि मिशेल ने इटली की महिला के बेटे का जिक्र किया है। इधर, कांग्रेस ने कहा है कि मिशेल पर सरकारी एजेंसियों ने दबाव बनाकर ऐसे बयान लिए हैं। वहीं कोर्ट ने मिशेल को सात दिन के लिए ईडी की कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।
ईडी ने कोर्ट में बताया कि मिशेल ने इटली की महिला के बेटे का भी हवाला देते हुए बताया कि वे देश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। कोर्ट को बताते हुए ईडी ने बताया कि मिशेल ने जानकारी दी कि किस तरह डील से एचएएल को बाहर का रास्ता दिखाकर उसकी जगह टाटा को लाया गया। ईडी ने कोर्ट से यह भी मांग की कि मिशेल को उसके वकील से नहीं मिलने दिया जाए क्योंकि उसे बाहर से सिखाया जा रहा है।
इस पर उसके वकील एल्जो के. जोसेफ ने कोर्ट में स्वीकारते हुए कहा कि मिशेल ने उन्हें कुछ पेपर दिए थे, लेकिन यह ईडी की गलती है कि उसने ऐसा होने दिया।
दूसरी ओर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आर. पी. एन. सिंह ने बताया कि मिशेल पर एक परिवार विशेष का नाम लेने का दबाव बनाया गया है। चौकीदार क्यों सरकारी एजेंसियों पर एक परिवार का नाम लेने का दबाव डाल रहे हैं? भाजपा के लोग इस पर लम्बे समय से काम कर रहे हैं।




